Saturday 9 February 2008

हिंदी ब्‍लागिंग में आएंगे कमाई के अवसर

सप्‍ताह के ब्‍लॉगर में आज हम लेकर आएं हैं उस शख्‍स को, जिन्‍होंने टेक्निकल के व्‍यक्ति होने के बावजूद अपने लेखन से ब्‍लॉग की दुनिया में अलग पहचान बनाई है। जी हां हम बात कर रहे हैं जीतेंद्र चौधरी की जो कुवैत में रह कर हिंदी ब्‍लॉगिंग को नई दिशा दे रहे हैं। ब्‍लॉग लेखन को विचारों की अभिव्‍यक्ति मानने वाले जीतेंद्र चौधरी ने कुछ ऐसे सुझाव भी दिए जो कि ब्‍लॉगरों के लिए आर्थिक रुप से काफी काम के हैं। हिंदी ब्‍लॉग की दुनिया में जीतू के नाम से प्रसिद्व जीतेंद्र चौधरी मूल रुप से सॉफ्टवेयर और तकनीकी मार्केटिंग से जुड़े हैं लेकिन उनके मेरा पन्‍ना ब्‍लॉग पर कंप्‍यूटर की तकनीकी जानकारी से लेकर भारत के गांव तक की बातें पढ़ने को मिल जाती है। इसके अलावा जीतू प्रसिद्व हिंदी चिट्ठाकारों के एग्रीगेटर नारद के संचालक हैं। पेश है जीतेंद्र चौधरी के साथ बोल हल्‍ला की बातचीत।

टेक्‍निकल के व्‍यक्ति होकर आपने लेखन में अपना सिक्‍का कैसे जमाया ?

ब्लॉग लेखन आपके विचारों की अभिव्यक्ति है। मैने अपने विचारों को सिर्फ़ कलम पर उतारा है। अब ये कहॉं तक लोगों के जहन तक असर करता है, वो तो मेरे पाठक ही जाने, लेकिन मैने कभी भी लेखन को अपने कैरियर के लिए नहीं सोचा। मै अपन ब्लॉग सरल से सरल बोलचाल की आम भाषा मे लिखता हूँ, शब्दों के चयन में हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी और क्षेत्रीय शब्दों का बहुतायत से प्रयोग करता हूँ। कभी भी शब्दों के चयन में अपने ऊपर कोई बंदिश नहीं लगाई। कोशिश करता हूँ वैसे ही लिखूं जैसे मेरे विचार हैं, उमड़ते घुमड़ते। हो सकता है ये भाषा लोगों को अपने दिल के करीब लगी हो। यदि मेरे आधे पाठकों के दिल को भी मेरे विचार छू गए हो, तो मै अपने आपको धन्य समझूंगा।

हिंदी ब्‍लॉगरों को सीधे विज्ञापन या दूसरे साधन कमाई के नहीं है। इस संबंध में क्‍या हो सकता है या एक ब्‍लागर को क्‍या करना चाहिए ?

अभी हिंदी ब्लॉगिंग मे कमाई के अवसर नही है। लेकिन मेरे विचार से कमाई होना ज्यादा दूर नहीं है। वैसे तो ब्लॉग लेखन बहुत ही निजी मामला है, लेकिन वे ब्लॉगर जो इससे कुछ कमाई की उम्मीद रखते है, उनके लिए कुछ सुझाव हैं। हिंदी ब्लॉगर को चाहिए कि विशिष्ट विषयों पर लिखे और अपनी श्रेष्ठता सिद्द करें। आने वाले समय मे हिंदी की बहुत सारी वेब साइटें आएंगी, जिनको कंटेंट चाहिए होगा। हिंदी ब्लॉगर ही उनके लिए कंटेंट प्रोवाइडर बनेंगे। मेरे विचार से हिंदी चिट्ठाकारों की पहली कमाई तो इन वेब साइटों मे लिखकर ही होगी। इसलिए मेरा सुझाव है हिंदी चिट्ठाकार जल्द से जल्द अपने ब्लॉग की दिशा और दशा तय कर लें और अपने ब्लॉग की विश्वसनीयता को ऊंचे से ऊंचे स्तर पर ले जाएं। उदाहरण के लिए यदि आप तकनीकी महारथी है तो उसका ज्ञान आप अपने ब्लॉग पर दूसरों के साथ बाँटे, उसी तरह से यदि आप मैनेजमैंट के गुरु है तो अपने ब्लॉग पर मैनेजमेंट की बारीकियों को समझाएं। आज नहीं तो कल आपके लेखों के खरीददार आपके पास आएंगे, वे आपका इवेल्यूएशन आपके लिखे ब्लॉग पोस्ट से ही करेंगे। इसलिए अपने ब्लॉग पर ज्यादा से विश्वसनीयता वाले लेख लिखिए, अपने लेख को लिखिए, पढिए, विचार करिए, फिर पब्लिश करिए। आने वाले समय में हिंदी ब्लॉगिंग का मीडिया की मुख्य धारा से जुड़ना तय है, इसलिए यदि आपके लेखों मे विश्वसनीयता का पुट नहीं होगा तो भले ही आप जितना भी अच्छा लिखे आपको कोई भी गंभीरता से नहीं लेगा।

भाषाई ब्‍लॉग खासकर हिंदी ब्‍लागों में टेक्निकल इम्‍प्रूवमेंट नहीं होता, किस तरह के इम्‍प्रूवमेंट होने चाहिए जिससे हिंदी में जो भी ब्‍लॉग बन रहे हैं या हैं वे उम्‍दा लगे। यानी हमारे कई ब्‍लॉगों में बेमतलब की चीजें लगी होती हैं और जरुरी छूट जाती है। इसलिए कोई आदर्श मापदंड हो सकता है कि यह चीजें हो और य न हो।

आदर्श मापदंड तो उनके लिए होता है जो इसमे कैरियर बनाना चाहते हो। यदि आप किसी भी ब्लॉगर को ये समझाएंगे कि ऐसे लिखो, वैसे लिखो तो फिर ये विचारों की स्वतंत्रता कहां रह जाएगी। वैसे काफी कुछ तो ऊपर के जवाब में कह चुका हूँ। मेरा तो बस इतना ही मानना है कि आप जो भी लिखें, सीधी सरल भाषा मे लिखे, बन्दा एक बार में पढकर समझ ले। दूसरा प्रस्तुतीकरण अच्छा होना चाहिए, अपनी बात साबित करने के लिए लेख मे यदि सूटेबल ग्राफिक्स, फोटोग्राफ़ वगैरहा हो तो लेख मे चार चाँद लग जाएंगे।

तकनीक के मामले मे तो आजकल हिंदी लेखक काफी आसान हो गया है। लेकिन फिर भी एक नए चिट्ठाकार के लिए सुझाव है कि वो अपने लेख सबसे पहले अपने अनुभव से लिखना शुरु करे कि उसने हिंदी मे लिखना कब और कैसे शुरु किया, क्या दिक्कतें आईं, कैसे उनसे पार आए। याद रखिए आपके ये अनुभव दूसरों के लिए सबक सिद्द हो सकते है। आपके लेख के साइडबार मे हिंदी लिखने की जानकारी, हिंदी ब्लॉग्स एग्रीगेटर के लिंक और जिन चिट्ठों को आप पढते/पसन्द करते है उनके लिंक हो तो पाठकों को आसानी रहेगी। साथ ही आप हिंदी ब्लॉग्स को जितना ज्यादा से ज्यादा पढ सकें उतना अच्छा होगा। लोगों के चिट्ठों पर जाकर टिप्पणी करिए उनसे संवाद कायम करिए। यह निरन्तरता ही आपके लेखन में निखार लाएगी।

8 आपकी राय:

कमल शर्मा said...

आपने जीतू भाई से मुलाकात कराई इसके लिए धन्‍यवाद, दिल से धन्‍यवाद। वे वाकई उम्‍दा लेखक और व्‍यक्ति हैं। उन्‍होंने हिंदी ब्‍लॉगरों के लिए कमाई के अवसर दूर नहीं जो कहा उस दिन का सभी को इंतजार हैं। अब गुगल, याहू, एमएसएन सहित दुनिया के सारे सर्ज इंजन और वेबसाइटें जिस तरह हिंदी को महत्‍व दे रही हैं उसमें लगता है कि यह सफलता जल्‍दी हमारे साथ होगी। जीतू भाई ने ब्‍लॉग में क्‍वॉलिटी लेखन की जो बात कही, उससे मैं पूरी तरह सहमत हूं और मानता हूं लंबे समय में इस क्षेत्र में वे ही लेखक आगे होंगे जो क्‍वॉलिटी और विश्‍वसनीयता पर खरे उतरेंगे।

Pankaj Bengani said...

जितुजी से मुलाकात कराने के लिए धन्यवाद. जितुजी सबसे वरिष्ठ हिन्दी चिट्ठाकारों मे से हैं. हिन्दी चिट्ठाकारिता मे जिन गिनेचुने लोगों ने सबसे अधिक योगदान दिया है उनमें से ये भी हैं. साधुवाद.

Aflatoon said...

जीतेन्द्र चौधरी द्वारा चिट्ठेकारी से जुड़ी़ काम की बातें बतायी जाती रही हैं , जिससे मुझ जैसे गैरकम्प्यूटर तत्वों को लाभ मिला।

दिनेशराय द्विवेदी said...

जीतू भाई से मिलाने के लिए आभार। इस मुलाकात को पढ़ने पर लगा कि मै. लगभग सही जा रहा हूँ।

surjeet said...

accha pryas. thanks

Cyril Gupta said...

जीतूभाई मजेदार लिखते हैं. और ये न सिर्फ तकनीक, बल्कि स्टॉक मार्केट पर भी जबर्दस्त कलम चलाते हैं.

इनकी हर पोस्ट पढ़ना मेरे लिये ज़रूरी है.

संजय बेंगाणी said...

अरे ये तो अपने ताऊ है....
धन्यवाद भाई, मुलाकात सी करवा दी जितूभाई से.

umesh kumar said...
This post has been removed by the author.