Friday 20 November 2009

आईबीएन के दफ्तर पर शिवसेना के गुंडों का हमला

मुंबई के विक्रोली स्थित आईबीएन चैनल के दफ्तर पर कुछ शिवसैनिकों ने हमला कर पूरे ऑफिस में जमकर तोड़फोड़ किया। इनका निशाना आईबीएन लोकमत के संपादक निखिल वागले थे। शिवसैनिकों ने महिला पत्रकारों के साथ छेड़छाड़ की। वहीं, चैनलों के कर्मचारियों के साथ भी मारपीट की। चैनल से जुड़े लोगों का कहना है कि शिवसैनिक आईबीएन न्यूज चैनल की खबरों से काफी नाराज हैं।
आईबीएन 7 के मैनेजिंग एडीटर आशुतोष ने सरकार से अपील की है कि हमलावरों की पहचान होनी चाहिए और इनके खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक चाह्वाण ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा है कि इस तरह के हमले बर्दाश्त नहीं किए जा सकते हैं। भाजपा के प्रवक्ता प्रकाश जावेड़कर का कहना है कि वह किसी भी हमला की हिंसा करते हैं। जावेड़कर ने इसकी भत्र्सना करते हुए कहत हैं कि हिंसा कहीं भी होती है, हम उसका विरोध करते हैं। हिंसा में भी लिप्त हैं, उस पर कार्रवाही होनी चाहिए।

Tuesday 17 November 2009

बिच्छू डॉट कॉम को विशेषाधिकार हनन का नोटिस

मध्यप्रदेश के चर्चित अखबार बिच्छू डॉट कॉम को कांग्रेस की नेता जमुना देवी ने विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। प्राप्त खबरों के अनुसार आज मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जमुना देवी ने इस अखबार के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया। इसके साथ उन्होंने इस अखबार में छपे लेख और समाचारों को लेकर विधायिका के विशेषाधिकार हनन बताते हुए इस पर चर्चा की भी मांग की।

दो वरिष्ठ पत्रकारों का निधन

देश ने दो वरिष्ठ पत्रकारों को खो दिया है। पहले पत्रकार हैं किरीट दोषी और दूसरे हैं रामकृष्ण पाण्डेय।
छत्तीसगढ के किरीट दोषी का लंबी बीमारी के कारण मंगलवार को निधन हो गया। स्वास्थ्य खराब होने पर हैदराबाद में उपचार कराने के बाद श्री दोषीका रायपुर में उपचार चल रहा था, जहां उनका ६५ वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह बस्तर जिले के प्रमुख पत्नकार थे और लंबे समय तक यूनाईटेड न्यूज आफ इंडिया संवाद समिति से स्ट्रींगर के रूप में जुड़े रहे।

इसी तरह हिन्दी के वरिष्ठ पत्नकार रामकृष्ण पाण्डेय भी नहीं रहे। उनका कल देर रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे साठ साल थे। इक्कीस जनवरी १९४९ को पटना में जन्मे डा. पाण्डेय ने अपने पत्नकारिता कैरियर की शुरूआत भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्न जनशक्ति से की थी। उसके बाद वह समाचार एजेंसी समाचार भारती से जुड़े और हिन्दी समाचार एजेंसी यूनीवार्ता से समाचार संपादक पद से सेवा निवृत हुए थे।

Sunday 15 November 2009

गुजरात में 221 करोड़ की लागत से भास्कर प्रिंट प्लेनेट शुरू

भास्कर समूह के अत्याधुनिक ‘प्रिंट प्लेनेट-अहमदाबाद’ का गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने शनिवार को एक भव्य, गरिमापूर्ण समारोह में लोकार्पण किया। चांगोदर में स्थित ‘प्रिंट प्लेनेट’ के लोकार्पण के साथ ही गुजराती पत्रकारिता के इतिहास में नए युग का श्रीगणोश हो गया है। अब भास्कर समूह का दिव्य भास्कर गुजराती भाषा का ऐसा पहला समाचार पत्र बन गया है जो विश्वस्तरीय अल्ट्रा-मॉर्डन केबीए मशीन से छप कर पाठकों के हाथ में पहुंच रहा है। पूर्णत: ऑटोमेटिक एवं अत्याधुनिक प्रिटिंग-टेक्नोलॉजी से सुसज्जित करीब 221 करोड़ रुपए की लागत वाला ‘प्रिंट प्लेनेट’ एक घंटे में २.५५ लाख रंगीन प्रतियां प्रकाशित करने में सक्षम है। ‘प्रिंट प्लेनेट’ को स्थापित करने के लिए 13 माह से जर्मनी के 40 इंजीनियरों की टीमें दिन रात कार्य कर रहीं थीं। ‘प्रिंट प्लेनेट’ में काउंटिंग, स्टेकिंग, लेबलिंग एवं रेपिंग सहित प्रिंटिंग के अधिकांश काम स्वचालित तकनीक से संचालित होते हैं।

लोकार्पण के मौके पर गुजरात विधानसभा अध्यक्ष अशोक भट्ट, केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री भरत सिंह सोलंकी, राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्य, सांसद, विधायक एवं आला पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों सहित हजारों गणमान्य नागरिक मौजूद थे। इससे पहले समूह के अध्यक्ष रमेशचंद्र अग्रवाल ने सभी आमंत्रित महानुभावों का स्वागत किया।